शिमला। हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता के समर्थन में एचपीयू विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (एचपीयूटीडब्ल्यूए) ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में काले रिबन लगाकर शांतिपूर्ण मार्च किया। शिक्षकों ने काले रिबन लगाकर विश्वविद्यालयों की संस्थागत गरिमा और अकादमिक निर्णय लेने की स्वतंत्रता के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। मार्च के दौरान एचपीयूटीडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा से 2 सितंबर को पारित हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 में भर्ती व्यवस्था और वित्तीय प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। संघ ने इन प्रावधानों के कारण विश्वविद्यालयों की अकादमिक और संस्थागत स्वायत्तता प्रभावित होने की चिंता जताई। संघ के अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास, उपाध्यक्ष डॉ. योगराज, सचिव डॉ. अंकुश भारद्वाज और संयुक्त सचिव डॉ. अंजली शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, लेकिन इसके साथ अकादमिक स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहनी चाहिए। संवाद