सरकार ने हाल ही में कैबिनेट की बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने का फैसला लिया था। बाकायदा, आउटसोर्स कर्मचारियों को कौशल विकास निगम में समायोजित किया जाना था, लेकिन इसकी अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है। सरकार ने सिर्फ इन कर्मचारियों को नौकरी से न निकालने के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार की शुक्रवार को मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में वर्ष 2022-23 के लिए अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी (नर्सरी) के विद्यार्थियों के लिए दो ट्रैक सूट निशुल्क दिए जाने का निर्णय, मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपंड 17 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार प्रतिमाह करने का निर्णय और स्टाफ नर्स और वार्ड सिस्टर अब नर्सिंग अधिकारी और वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी कहलाने की भी अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
खाद्य सुरक्षा आयोग के चेयरमैन, मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लटकी
आचार संहिता के चलते खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति भी लटक गई है। प्रदेश सरकार की ओर से इन नियुक्तियों की अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
आदर्श आचार संहिता लगते ही हरकत में आया चुनाव आयोग, होर्डिंग-बैनर हटाने का काम शुरू
भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से हिमाचल में विधानसभा चुनावों की घोषणा होने के बाद प्रदेश में शुक्रवार शाम से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग भी हरकत में आ गया। आचार संहिता लागू होते ही हिमाचल में लगाए गए प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के लगे बड़े-बड़े बोर्ड, बैनर और होर्डिंग्स को हटाने का काम शुरू हो गया। माना जा रहा है कि दो दिन में सरकार की योजनाओं को उपलब्धियों के होर्डिंग और बैनर हटा दिए जाएंगे। उधर, एसडीएम हमीरपुर मनीष कुमार सोनी की अगुवाई में जिला मुख्यालय हमीरपुर स्थित नगर परिषद हमीरपुर के कर्मचारियों ने शहर में लगाए गए सरकार की उपलब्धियों के सभी होर्डिंग उतार दिए। शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे के बाद एसडीएम व ईओ हमीरपुर अक्षित गुप्ता की अगुवाई में नगर परिषद हमीरपुर की टीम शहर में जगह-जगह लगाए गए होर्डिंग्स व पोस्टरों को हटाने का अभियान छेड़ा। उधर, एसडीएम मनीष कुमार सोनी ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के कारण उपमंडल में सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स और बैनर हटाने का काम जारी है।