शिमला। शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में उपनगर ढली स्थित दक्षिणेश्वरी महाकाली मंदिर से बुधवार को माता की महारथ यात्रा निकाली गई। 12 दिवसीय इस यात्रा में 350 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। यात्रा के दौरान महाकाली का रथ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के धार्मिक स्थलों और बौद्ध मठों के दर्शन करेगा। बुधवार दोपहर 12 बजे दक्षिणेश्वरी काली माता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे ढली से आईजीएमसी और रिज मैदान होते हुए कालीबाड़ी मंदिर तक पैदल रथ यात्रा निकाली गई। रिज मैदान पर यात्रा देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक एकत्रित हुए और उन्होंने देवी के रथ के दर्शन किए।कालीबाड़ी मंदिर में माता काली के दर्शन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके बाद रथ यात्रा रेलवे स्टेशन होते हुए नाभा बाईपास पहुंची। यहां से श्रद्धालु छह बसों में चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। चंडीगढ़ से यात्रा ट्रेन के माध्यम से आगे के सफर पर निकली। अगले 11 दिनों तक श्रद्धालु सिलीगुड़ी के शक्तिपीठों और बौद्ध मठों के दर्शन करेंगे। यात्रा के तहत श्रद्धालु 24 अक्तूबर की रात को वापस शिमला के लिए रवाना होंगे। इसके बाद 26 अक्तूबर को रथ यात्रा के दक्षिणेश्वरी महाकाली मंदिर, ढली पहुंचने का कार्यक्रम है। संवाद