चेक बांउस मामले में आरोपी की सजा बरकरार
शिमला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने एक अपील का निपटारा करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। चेक बाउंस मामले में 25 फरवरी 2020 को न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर चार शिमला ने अपराधी को दोषी करार दिया था। अदालत ने 29 फरवरी 2020 को दोषी को 2 लाख 20 हजार जुर्माना और 3 महीने के कारावास की सजा दी थी। शिकायतकर्ता पुष्पलता ने दोषी सुमित्रा देवी को साल 2013 में दो लाख रुपये उधार दिए थे। दोषी ने पैसा वापस करने के लिए 19 अक्तूबर 2013 को शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये का चेक दिया। लेकिन बैंक खाते में पैसे न होने के कारण चेक बांउस हो गया था। इस पर शिकायतकर्ता ने वकील के तहत दोषी को कानूनी नोटिस भेजा था लेकिन, दोषी ने पैसे नहीं दिए। इसके बाद दोषी ने निचली अदालत के फैसले को गलत बताते हुए अपीलीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था। वीरवार को अपीलीय अदालत ने अपराधी की अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा। अब अपराधी के पास इस मामले में उच्च न्यायालय का रास्ता बचता है।