वे सरदार प्रताप सिंह कैरों और हिमाचल की डॉ. यशवंत सिंह परमार सरकार में मंत्री रहने वाले विधायक रहे हैं। मंत्री रहते उनके पास परिवहन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कार्यभार रहा। चौधरी हरिराम का जन्म पहली मार्च, 1899 को वर्तमान ऊना जिले के पंजाबर गांव में हुआ।
प्रारंभिक पढ़ाई खड्ड से करने के बाद उन्होंने लाहौर से वकालत की। 1925 में होशियारपुर कोर्ट में वकालत शुरू की। उन्होंने महात्मा गांधी, लाला लाजपतराय और सर छोटूराम जैसे महान पुरुषों के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। 1952 में राजनीति में प्रवेश किया। 16 जून, 1979 को उनका देहांत हुआ।