साइलेंस पीरियड में नमो टीवी चला तो इसका खर्च प्रत्याशी के खाते में जुडे़गा। मतदान से पहले के 48 घंटे में इस तरह के कंटेंट को प्रसारित करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। आम हालात में भी मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मानीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) की अनुमति के बाद ही इस तरह का प्रसारण होगा। सामान्य स्थिति में ऐसे कंटेंट को प्रसारित करने का व्यय पार्टी के खाते में जुडे़गा।
नमो टीवी पर चुनाव आयोग की ओर से भाजपा को स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। इस बारे में भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश को एक पत्र भी भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नई दिल्ली ही गौर करेंगे, क्योंकि यह उन्हीं के कार्यक्षेत्र से प्रसारित होता है।
तमाम तरह के रिकॉर्डेड कार्यक्रमों और राजनीतिक विज्ञापनों के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नई दिल्ली की ओर से ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि इस बारे में आरपी एक्ट 1951 की धारा 126(1) के प्रावधान लागू होंगे। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी शिमला में भी नमो टीवी को चलाए जाने की एक शिकायत चुनाव आयोग के शिमला कार्यालय को भेजी गई थी। इस शिकायत पर भारतीय निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगा गया था।