हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में कुल्लू के दो हाइड्रो प्रोजेक्टों को नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का लोन देने का गड़बड़झाला सामने आया है। बैंक के ऑडिट में इसका खुलासा हुआ है। बैंक प्रबंधन ने जांच बैठाकर प्रबंध निदेशक से रिपोर्ट तलब कर ली है। इस रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2009 में कुल्लू के दो प्रोजेक्टों हिमांद्री हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और ग्रावल एनर्जी कंपनी को करोड़ों रुपये का लोन दिया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर लोन दिया है। हिमांद्री प्रोजेक्ट को 40 करोड़ लोन दिया जा सकता था लेकिन 57 करोड़ दे दिया गया। ग्रावल कंपनी को 40 के बजाय 67.25 करोड़ लोन दिया गया।
करीब 44.25 करोड़ का अधिक लोन दिया गया है जिसे अभी तक नहीं चुकाया गया है। इसके अलावा कंपनी शेयर में भी गड़बड़ी हुई है। इसका खुलासा 2018-19 के ऑडिट में हुआ है। प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक राकेश गौतम ने कहा है कि गत सरकारों के समय में गलत ढंग से लोनिंग की है। दो मामले सामने आए हैं, जिन पर जांच बैठाई गई है।