सोलन जिले में शनिवार सुबह 5:00 से हो रही मूसलाधार बारिश से जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इससे जहां कसौली के दोची गांव में बारिश से पांच मकान खतरे की जद में आ गए हैं और वहीं दोची गांव को जाने वाली सड़क भी धंस गई है। इसमें दो मकानों को खाली करवा दिया गया है। वहीं कई घरों के पास डंगे भी गिरने लगे हैं। साथ ही कालका शिमला एनएच पर भी कई जगह भूस्खलन और पत्थर आने से हाइवे वन वे करना पड़ा। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थर और मलबे के कारण वाहन चालकों को भी जान हथेली में रखकर चलना पड़ रहा है।
हालांकि कंपनी की ओर से परवाणू से सोलन तक फोरलेन को सुचारू रखने के लिए टीम और तीन जेसीबी मशीनें तैनात की है। जो बारिश में ही मलबा हटाने का कार्य कर रही हैं। लोगों से आग्रह है कि आगामी दिनों में भी मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले और खड्ड, नालों से दूर रहें।
हाईवे पर यहां गिरे पत्थर
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से सोलन के बीच कई जगह बारिश में पत्थर और मलबा आया है। अधिकतर परेशानी दत्यार, तंबूमोड़, चक्कीमोड़, जाबली, धर्मपुर, कुमारहट्टी और शमलेच में बनी। जहां पर चलती गाडि़यों के सामने से पत्थर सड़क पर आकर गिरे। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी भी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा। वहीं लोगों को सोलन से परवाणू के बीच रूक-रूक कर आवाजाही करनी पड़ी।
मलबा और पत्थर गिरने पर बाल-बाल बचा स्कूटी सवार
कुमारहट्टी-बड़ोग बाइपास में गाड़ियों के शोरूम के समीप मलबा और पत्थर गिरने से स्कूटी सवार बाल-बाल बच गया। शुक्रवार शाम करीब 5:00 बजे पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरना शुरू हुए। इस दौरान दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रुकी हुई थी। लेकिन एक टैक्सी और कार सवार पहाड़ के पास आकर रुक गए और इसी दौरान भूस्खलन होना शुरू हो गया। अधिक मात्रा में पत्थर और मलबा इनके सामने आ गया और कुछ पत्थर स्कूटी सवार को भी लग गए। हालांकि वह पूरी तरह से सुरक्षित है।
-गौरव महाजन उपमंडलाधिकारी, कसौली