शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में महाराजा एसोसिएशन की ओर से एक सप्ताह के लिए लगाई प्रदर्शनी में बुधवार को कुल्लू टोपी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। प्रदर्शनी में स्थानीय लोगों सहित पर्यटक कुल्लू टोपी खूब पसंद कर रहे हैं। प्रदर्शनी में लगे स्टालों पर कला और शिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया हैं। इनमें हाथ से बुने हुए ऊनी उत्पाद कुल्लू टोपी, स्वेटर, पोंचू, स्कार्फ, मफलर, शॉल, सूट, कुर्ती, स्टॉल, फेरन, कोट, जैकेट, रेशम की साड़ियां और सूट प्रदर्शित किए हैं। इन उत्पादों में कुल्लू टोपी 300 से 750 रुपये तक, शॉल 800 से 5,000 रुपये, स्टॉल 500 से 3,000 रुपये, जेंट्स कोट 5,000 से 7,000 रुपये, लेडिज सदरी की कीमत 800 से 3,000 रुपये और पहाड़ी टोपी 300 से 500 रुपये तक उपलब्ध है। वूलन सूट 2,000 से 4,000 रुपये तक हैं। प्रदर्शनी के प्रबंधक एवं आयोजक बागचंद ने बताया कि प्रदर्शनी में कुल्लू के बुनकरों द्वारा हाथों से बनाए उत्पाद प्रदर्शित किए हैं जिन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। संवाद