आकर्षण का केंद्र बनेंगी बर्फ से बनीं कलाकृतियां
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हिमाचल प्रदेश के किन्नाैर जिले की सांगला वैली में पर्यटकों को होली पर बर्फ से बनी कलाकृतियां अपनी ओर आकर्षित करेंगी। तीन दिवसीय कार्यशाला में पांच सदसीय पांच टीमों के कलाकार बर्फ से विभिन्न आकृतियां और मूर्तियां तैयार करेंगे। जिले में आयोजित होने वाली यह कार्यशाला पहली बार आयोजित हो रही है। श्री श्याम खाटू मंदिर नई दिल्ली के संचालन में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में देश के प्रमुख मूर्ति कलाबाज भाग लेंगे और प्रतिभागियों को मूर्ति निर्माण बारे प्रशिक्षित करेंगे।
जनजातीय जिला किन्नौर के रक्षम में हिम मूर्ति कला (आईस स्कलप्चर) को लेकर तीन दिवसीय कार्यशाला सजेगी। 11, 12 और 13 मार्च को आयेाजित होने वाली इस कार्यशाला में देश प्रमुख मूर्ति कलाकार शामिल होंगे। इसके अलावा कार्यशाला में पांच सदस्यीय पांच दल तीन दिन तक बर्फ से कलाकृतियों और मूर्तियों का निर्माण करेंगे। इन दलों में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की दो टीमें, राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ की एक, जिला विकास कार्यालय की एक और जिला किन्नौर होटल संघ की एक टीम भाग लेगी।
इस कार्यशाला का संचालय व सभी का मार्गदर्शन श्री श्याम खाटू मंदिर नई दिल्ली के दल द्वारा किया जाएगा। कार्यशाला में होने वाले व्यय का वहन जिला सांस्कृतिक परिषद किन्नौर द्वारा किया जाएगा। कार्यशाला बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि किन्नौर जिले में पहली बार बर्फ की कलाकृतियों और मूर्तियां के निर्माण संबंधि कार्यशाला आयोजित होगी। जिला किन्नौर होटल संघ के सामान्य सचिव मुकेश रोमधारी, ग्राम पंचायत रक्षम के प्रधान सुशील नेगी, पूर्व ,प्रधान टिकम नेगी, पूर्व प्रधान सुनीला नेगी, बलराज नेगी ,सुनील नेगी, तारा सहित अन्य ग्रामीणों ने इस कार्यशाला को रक्षम में चलाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा डॉ. शशांक गुप्ता ने कहा कि मूर्ति कला से जुड़े लोगों के लिए कार्यशाला रोचक साबित होगी।