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Himachal: 21 लोगों की मौत, चक्की रेलवे पुल बहा, 79 मकान गिरे, मणिमहेश यात्रा रोकी

Sat, 20 Aug 2022 09:14 PM IST
Krishan Singh संवाद/ब्यूरो, मंडी/कांगड़ा/चंबा/शिमला

सार

मंडी में एक ही परिवार के आठ लोगों समेत जिले में 13, चंबा में तीन, शिमला के ठियोग और कांगड़ा जिले में दो-दो लोगों की मौत हुई है। निरमंड में भी एक व्यक्ति की जान गई है।
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चक्की रेलवे पुल बहा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार रात से जारी भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश में कहर बरपा दिया। मंडी, चंबा और कांगड़ा जिलों में 21 लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह लापता हैं। मंडी में एक ही परिवार के आठ लोगों समेत जिले में 13, चंबा में तीन, शिमला के ठियोग और कांगड़ा जिले में दो-दो लोगों की मौत हुई है। निरमंड में भी एक व्यक्ति की जान गई है। कांगड़ा में अंग्रेजों के जमाने का बना चक्की खड्ड पर रेलवे का पुल बह गया है। 17 जुलाई से ही इस ट्रैक पर पठानकोट-जोगिंद्रनगर रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद है। इसी जगह हाईवे पर बना पुल भी वाहनों के लिए फिलहाल बंद कर दिया है।

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वहीं, मणिमहेश यात्रा खराब मौसम के चलते दो दिन के लिए स्थगित कर दी है। भारी बारिश से प्रदेश में करोड़ों का नुकसान हुआ है। कई जगह भूस्खलन और मकानों पर मलबा गिरने से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्य सचिव ने भी बैठक बुलाकर कई निर्देश दिए हैं।  अब तक प्रदेश में 1214 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। रविवार और सोमवार को भी मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।



प्रदेश में पहली बार मानसून सीजन में 24 घंटों में 316 फीसदी बारिश हुई। मंडी के जवालापुर में चलती बाइक पर पत्थर गिरने से दो युवाओं की मौत हो गई है। जिले के नाचन क्षेत्र की पंचायत काशन के गांव झड़ोंन में शुक्रवार रात पहाड़ी का मलबा मकान पर गिरने से एक परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई है। घटना रात करीब 2:00 बजे की बताई जा रही है। मृतकों में काशन पंचायत प्रधान खेम सिंह (35) पुत्र रूप चंद, प्रधान की पत्नी मीरा देवी (34), उनके दो बेटे भास्कर (14), तेजेंद्र (11), प्रधान की भाभी कमला देवी (32) पत्नी झाबे राम, इनकी बेटी रोहिणी (6), बेटा दिव्यांशु (7) और प्रधान के ससुर डागु राम (55) निवासी काढ़ि खड़ूहल तहसील थुनाग शामिल हैं।
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बचाव कार्य रात 3:00 बजे से शनिवार दोपहर 2:00 बजे तक करीब 11 घंटे चला। वहीं, मंडी के ही द्रंग विधानसभा क्षेत्र में बादल फटने से ओल्ड कटौला के संदोआ में सतार अली, उनके दो बेटे छाईया, साजिद, दो बेटियां साजिदा, सुहाना और तौफीक अख्तर पुत्र बरकत अली देर रात बाढ़ में बह गए, जिनमें दो शव बरामद हो गए हैं। एनडीआरएफ के 30 जवान और पुलिस दल ने लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू अभियान चलाया है।

मंडी के ही सराज के केउली में एक घर के भूस्खलन की चपेट में आने से महिला पुष्पा देवी की मौत हो गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र के थुनाग बाजार में बादल फटने से 60 दुकानें, दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जिले में 31 मकान, 26 गोशालाएं, एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। मंडी में खेल स्पर्धा के लिए नेरचौक में ठहराईं 40 छात्राओं को रेस्क्यू किया गया। सोलन-सैंज-रोहडू़ मार्ग पर ठियोग में बल्ग के समीप कार पर चट्टानें गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो घायल हो गए।

मृतकों की पहचान उमेश चंद भाटी पुत्र स्व. हर सरन सिंह निवासी गांव शिलारपुर सेक्टर-101 नोएडा और पिंकू पुत्र जगत सिंह निवासी गाजियाबाद यूपी के रूप में हुई है। वहीं चौपाल के चंजाल पुल गांव में मकान गिरने से छह लोग घायल हो गए। चंबा में भूस्खलन से मलबे में दबने से घर में सो रहे पति-पत्नी और बेटे की मौत हो गई। चमारू राम (42), मीना देवी (38) पत्नी चमारू राम और उनके बेटे अजय (11) के शव मलबे से निकाले गए।

जिला कांगड़ा के शाहपुर की ग्राम पंचायत गोरड़ा के वार्ड-छह में स्लेटपोश मकान गिरने से आयुष (9) पुत्र नसीब सिंह की मौत हो गई है। धीरा की पंचायत कुहाणा में एक प्रवासी मजदूर बालमुकुंद की डंगे में दबने से जान चली गई। मंडी में तीन हाईवे बंद होने से सैकड़ों यात्री देर रात से गाड़ियों में ही भूखे-प्यासे फंसे रहे। कोटरोपी में भारी भूस्खलन से दो गांव खाली कराए हैं। डलहौजी-पठानकोट हाईवे पर चंबा के पंजपूला में जमीन धंसने से बस डंगे में अटक गई। इसमें 35 लोग यात्री बाल-बाल बचे। प्रदेश में अभी तक 268 सड़कें, 500 बिजली ट्रांसफार्मर और 140 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। 79 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।      

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान
राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में उन्होंने सभी उपायुक्तों का निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षण संस्थान बंद रखें। मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि भारी वर्षा से हुए नुकसान की वीडियोग्राफी की जाए। प्रभावितों लोगों को कैंप में आवासीय व्यवस्था करें। शनिवार को मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिला के स्कूलों में प्रशासन ने छुट्टी दी थी।
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सीएम ने दिए बचाव कार्यों के निर्देश, नड्डा ने दुख जताया
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश से हुए जान-माल के भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मृतकों के परिवारों के प्रति दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह नुकसान अपूरणीय है।

बारिश (मिलीमीटर में)
कांगड़ा         361 
जोगिंद्रनगर    210
नयनादेवी      184
डलहौजी       184
बैजनाथ        155
मंडी            154
पालमपुर      153
मशोबरा       109
सुंदरनगर      89
शिमला         68
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