जुन्गा (शिमला)। पर्यटक स्थल कुफरी, सिलोनबाग, कोटी, मुंडाघाट और जुन्गा के अनेक क्षेत्रों में इन दिनों काफल पककर तैयार हो गया है। इसका पर्यटक खूब आनंद ले रहे हैं। ग्रामीण परिवेश के लोग जंगलों में काफल चुनने में पूरा दिन लगे रहते हैं। काफल के पेड़ काफी ऊंचे होते हैं। गांव के लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर काफल का एक-एक दाना इकट्ठा कर इन्हें बाजार में बेचने जाते हैं। काफल एक जंगली फल है जोकि सभी औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वबंधु जोशी के अनुसार काफल में विटामिन्स, आयरन और एंटी ऑक्सीडेंटस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। संवाद