निर्णायक मंडल में पूजा सूद, पार्वती और डॉ. शशि शामिल रहीं।
छात्राओं ने बाल रोग विभाग में जाकर उपचाराधीन शिशुओं की माताओं को स्तनपान करवाने के तरीके भी बताए। उन्होंने बताया की प्रसूता महिलाएं छह माह तक अपने बच्चों को स्तनपान जरूर करवाएं। वहीं एसएनजीएनसी की प्राचार्य डॉ. संतोष मांटा की अगुवाई में पोस्टर प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं। इस अवसर पर एसएनए सलाहकार चंद्रकांता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रही।