शिमला। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा। पूर्णिमा व्रत करने से मनुष्य को लक्ष्मी-नारायण भगवान की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही व्यक्ति के सांसारिक दुखों का नाश होता है। इस दिन चंद्रमा से संबंधित चीजों का दान करना चाहिए। राधा- कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7:32 बजे पूर्णिमा तिथि शुरू होगी। शनिवार सुबह 6:38 बजे पूर्णिमा तिथि का समापन होगा। ऐसे में शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि रात में व्याप्त रहेगी। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि का विधान है कि जिस दिन पूर्णिमा रात तक हो उसी दिन पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। इसलिए पूर्णिमा का व्रत शुक्रवार को ही रखा जाएगा। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करनी चाहिए। पूजा स्थल पर भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा स्थापित कर बाद भगवान सत्यनारायण का अभिषेक करें और तिलक लगाएं। साथ ही माता लक्ष्मी का पूजन भी करें। माता लक्ष्मी को गुलाब का फूल अर्पित करें।