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JOA IT Paperleak: संदेह के घेरे में पिछले तीन वर्षों में हुईं भर्तियां, रिकॉर्ड खंगाल रही विजिलेंस

Sat, 24 Dec 2022 06:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

तीन सालों में आयोग के माध्यम से सैकड़ों पदों पर भर्तियां हुई हैं। पूर्व में हुईं भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लीक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए विजिलेंस अब हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। 
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कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में विजिलेंस की टीम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पैसे लेकर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी का पेपर बेचने के मामले का भंडाफोड़ होने के बाद अब हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पिछले तीन सालों में हुईं भर्तियां भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। पैसे लेकर पेपर लीक करने वाली मुख्य आरोपी ऊमा आजाद आयोग में पिछले तीन सालों से परीक्षा की गोपनीय शाखा में तैनात थी। गोपनीय शाखा से ही सभी भर्तियों की प्रक्रिया शुरू होती है और अंतिम रूप दिया जाता है।

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तीन सालों में आयोग के माध्यम से सैकड़ों पदों पर भर्तियां हुई हैं। हालांकि, कोविड काल में लिखित परीक्षाओं का शेड्यूल कुछ समय के लिए जरूर संशोधित हुआ। लेकिन पिछले तीन सालों में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य, बिजली बोर्ड, पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर, कृषि, उद्यानिकी और खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग समेत एक दर्जन से अधिक सरकारी विभागों में सैकड़ों पदों पर भर्तियां हुई हैं। पूर्व में हुईं भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लीक होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए विजिलेंस अब हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। 

विजिलेंस पूर्व में हुईं भर्ती परीक्षाओं और इन परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड भी खंगालेगी। दसवीं, बारहवीं, स्नातक परीक्षाओं में प्राप्तांक और छंटनी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की समीक्षा होगी। जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर बेचने का मामला उजागर होने के बाद पूर्व में और वर्तमान में विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में भी आयोग के प्रति आक्रोश है। 

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