शिमला। राजधानी के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के कार्यक्रम शुरू हो गए। इस अवसर पर मंगलवार सुबह हवन किया गया। इसमें सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हो सके। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता की कथा रही। यह कथा बचपन के मित्रों के गहरे प्रेम और निस्वार्थ भावना को दर्शाती है। सुबह हुए हवन में सभा के प्रधान अजय सूद, महासचिव धर्मपाल पुरी, उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण डोरा और प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता सहित अन्य सभासदों ने आहुतियां डालीं। इसके बाद शाम को चार बजे गौड़ीय मठ के सिद्धांती और अन्य लोगों ने भजन कीर्तन किया। कार्यक्रम में कृष्ण सुदामा की कथा में बताया कि कैसे गरीब सुदामा अपने मित्र द्वारकाधीश श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। सुदामा के पास देने के लिए केवल पोहा था जिसे कृष्ण ने बड़े प्रेम से स्वीकार किया। सुदामा ने अपने मित्र से कुछ भी नहीं मांगा। वह वापस अपने गांव लौट आए। घर पहुंचकर उन्होंने देखा कि उनकी झोपड़ी एक सुंदर महल में बदल गई थी। इस कथा से यह सीख मिलती है कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत का महत्व नहीं होता। संवाद