नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नौ विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने का स्पीकर के पास कोई भी अधिकार नहीं है, जब इन सदस्यों ने केवल सरकार के खिलाफ नारे लगाए थे। वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष ने सभी नियमों और व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ा दी हैं। आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष मुख्यमंत्री की कठपुतली बनकर रह गए हैं। न जाने मुख्यमंत्री ने उनको किस पद का प्रलोभन दिया है।
मंगलवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में जयराम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को अपनी भाषा पर कोई नियंत्रण नहीं है। वर्तमान कांग्रेस सरकार बचने वाली नहीं है। उनकी वजह से नहीं, परंतु कांग्रेस के अपने विधायकों से ही सरकार को खतरा है। ऐसा प्रतीत होता है कि सीपीएस मामले से कांग्रेस नेताओं को डर लग रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस हारी है और 68 में से 61 सीटों पर इसकी हार हुई है। जयराम ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं। वर्तमान सरकार में प्रदेश के हालात कैसे बन गए हैं, 17 महीने में 300 से ज्यादा दुष्कर्म और 150 से अधिक हत्या के मामले सामने आए हैं। बिलासपुर में बच्चा-बच्चा बोल रहा है कि चिट्टे का धंधा इनके संरक्षण में चल रहा है। इसे रोकने के लिए प्राथमिकता बिल्कुल नहीं दी जा रही है, वह इसलिए क्योंकि इसी सरकार के लोग इस धंधे को चला रहे हैं। मुख्यमंत्री को इसकी पूरी जानकारी है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, भाजपा के मीडिया प्रभारी करण नंदा और अन्य नेता भी उपस्थित रहे।