शिमला। राजधानी के मशोबरा स्थित यूको आरसेटी के प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को प्रशिक्षुओं को मधुमक्खी के जीवन चक्र और उसकी प्रजातियों के बारे में बताया गया। केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण के तहत प्रशिक्षुओं को मधुक्खी पालन के शुरुआत से अंत तक की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। प्रशिक्षक प्रकाश ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण उन्हें मधुमक्खी पालन के हर पहलू को समझने में मदद करेगा। सैद्धांतिक कक्षाओं में मधुमक्खी के सामाजिक संगठन, छत्ते के निर्माण और शहद उत्पादन की प्रक्रिया को समझाया जा रहा है। व्यावहारिक सत्रों में छत्तों का प्रबंधन, रोगों की पहचान और शहद निकालने की तकनीक सिखाई जाएगी। संवाद