शिमला। हिमाचल प्रदेश ने ओडिशा के पुरी में आयोजित द्वितीय ब्रिक्स तकनीकी बैठक में भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित शहरी आपदा प्रबंधन प्रणाली के बारे में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को अवगत करवाया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के विशेष सचिव (आपदा प्रबंधन) पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि आपदा के समय प्रभावितों की पहचान करना और बुनियादी ढांचे का आकलन करना सबसे बड़ी चुनौती होता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए हिमाचल ने जीआईएस आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की है। इसमें ड्रोन सर्वेक्षण, फील्ड सर्वेक्षण और भू-स्थानिक तकनीकों का उपयोग किया है। इसकी मदद से राज्य के सोलह शहरी स्थानीय निकायों में पंद्रह हजार से अधिक संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण किया है। इससे आपदा प्रबंधन के लिए एक डाटाबेस तैयार हुआ है। यह प्रणाली आपदा के प्रभाव का त्वरित आकलन करने में सहायक है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली क्षति का विश्लेषण करती है। ब्यूरो