अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में नई आउटफील्ड को एचपीसीए आठ महीने में भी तैयार नहीं कर पाया। नतीजा यह हुआ कि भारत और ऑस्टेलिया के बीच होने वाला टेस्ट मैच को धर्मशाला से इंदौर स्टेडियम में शिफ्ट करना पड़ा है। पिछले वर्ष 16 मई 2022 को मैदान में पुरानी आउटफील्ड उखाड़ने का काम शुरू हुआ था। अभी मैदान के 40 फीसदी हिस्से की मिट्टी ही निकाली गई थी कि 16 जून को देश के मुख्य सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए स्टेडियम के इंडोर प्रैक्टिक्स एरिया को चुना गया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने आना था। पीएम मोदी के दौरे के चलते पुरानी आउटफील्ड उखाड़ने के काम को करीब तीन सप्ताह तक रोकना पड़ा। वहीं जून के अंतिम सप्ताह में फिर काम शुरू हुआ तो जुलाई में बरसात शुरू होने के करण फिर दो माह के लिए काम बंद करना पड़ा। सितंबर के अंत में फिर काम शुरू हुआ। पहले से आउटफील्ड के कार्य में चली देरी को सुधारने के लिए कार्य में तेजी नहीं आ पाई। एचपीसीए स्टेडियम की आउटफील्ड में नया ड्रेनेज सिस्टम लगाने के साथ नवंबर में आउटफील्ड तैयार कर घास का बीज लगाना था, लेकिन यह भी काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाया।
पहले से करीब दो माह पीछे चल रहा काम अब और लेट हो गया। इसी बीच धर्मशाला में टेस्ट मैच की तिथि के साथ अधिकारिक घोषणा होने के बाद भी एचपीसीए आउटफील्ड बना रही कंपनी को जल्दी मैदान तैयार करने की चेतावनी नहीं दी। दिसंबर के अंत में मैदान में घास का बीज डाला गया, लेकिन मैदान के कई हिस्सों में घास पूरी तरह से नहीं उग पाई। इसके चलते बीच-बीच में भी मैदान में घास बीज डालना पड़ा। बावजूद इसके स्केयर और 30 यार्ड में घास कम ही उगी। इसके चलते बीसीसीआई की टीम के चीफ पिच क्यूरेटर ने स्टेडियम का दौरा किया, जिसमें उन्होंने एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम को टेस्ट मैच के लिए अनफिट पाया और यहां पर मैच न करवाने की सिफारिश की। इसके चलते एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला दूसरे टेस्ट मैच की मेजबानी करने से पिछड़ गया। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि मैदान में नई आउटफील्ड में कुछ कमियों के चलते यहां से टेस्ट मैच को इंदौर स्टेडियम शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि जो कमियां रहे गई हैं उन्हें सुधारा जाएगा।