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Shimla News: सीर खड्ड के अवैध खनन से 18 ग्राम पंचायतों में हो सकता है पेयजल संकट

Sun, 05 Feb 2023 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
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झंडूता क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की योजनाएं अवैध खनन द्वारा पानी का स्तर होने से हो रहीं हैं प
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झंडूता(बिलासपुर)। सीर खड्ड पर हो रहे अवैध खनन से झंडूता विधानसभा क्षेत्र की करीब 18 ग्राम पंचायतों में आने वाले कुछ ही समय में पेयजल का संकट गहरा सकता है। खनन माफिया का यही हाल रहा तो लोगों को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ सकता है।
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खनन और पुलिस विभाग ने समय रहते अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगाया तो लोगों को पेयजल संकट के भयंकर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के झंडूता और बरठीं दो ऐसे बड़े क्षेत्र हैं जहां से लोगों को सीर खड्ड पर जल शक्ति विभाग की अधिकतम पेयजल योजनाओं से पानी की पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में सुन्हाणी सीर खड्ड से बलघाड़ क्षेत्र तक जल शक्ति विभाग झंडूता की करीब 12 पेयजल योजनाएं संचालित है।
वहीं इन जगहों पर दिन रात अवैध खनन जोरों है। ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाले कुछ समय में पेयजल योजनाओं पर इसका विपरीत प्रीााव पड़ सकता है। वहीं विभाग की करोड़ों की मशीनरी को भी जंग लग सकती है। इसके अलावा सीर खड्ड के किनारे से स्थानीय लोगों की मलकियत उपजाऊ जमीन भी तहस नहस हो रही है।
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पानी का जलस्तर बढ़ने के बजाय और नीचे गिरता जा रहा है। पेयजल योजनाओं के नजदीक हो रहे अवैध खनन से पानी भी दूषित हो रहा है। वहीं झंडूता और बरठीं दोनों इलाकों की करीब 18 ग्राम पंचायतों के करीब 72 गांवों की करीब 40 से 50 हजार लोगों की आबादी के लिए पेयजल संकट की समस्या पैदा हो सकती है। हालांकि खनन और पुलिस विभाग अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसता भी है। लेकिन अवैध खनन वालों को इनके आने की भनक लगते ही वह इधर उधर हो जाते हैं।
खनन विभाग बिलासपुर का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे हमीरपुर के खनन अधिकारी हरविंद्र सिंह ने कहा कि अवैध खनन माफिया पर कार्रवाई करने के लिए फील्ड स्टाफ को तैनात किया है।
उप पुलिस अधीक्षक घुमारवीं अनिल कुमार ने बताया कि तलाई और झंडूता थाना प्रभारी को सीर खड्ड पर हो रहे अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग मंडल झंडूता के अधिशासी अभियंता रत्तन देव के अनुसार अवैध खनन से विभाग की करीब दो दर्जन पेयजल योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। अगर ऐसा ही रहा तो पेयजल योजनाओं के स्रोत सूख जाएंगे। योजनाओं के नजदीक से हो रहे अवैध खनन से पानी दूषित होने की वजह से पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। संवाद
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