शिमला। हिमाचल प्रदेश का फार्मास्युटिकल उद्योग अब हरित ऊर्जा की ओर कितनी तेजी से बढ़ सकता है, इसे समझने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने एक महत्वपूर्ण शोध अभियान शुरू किया है। इससे उद्योग की लागत घटाने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। इस परियोजना का नेतृत्व एचपीयू बिजनेस स्कूल के डॉ. राजेश कुमार कर रहे हैं। परियोजना के तहत एक रिसर्च असिस्टेंट/इन्वेस्टिगेटर की नियुक्ति की जाएगी जो पांच माह के लिए मानदेय आधार पर होगी। चयनित अभ्यर्थी को 35 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। प्रबंधन विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक योग्यता अनिवार्य है जबकि नेट, एमफिल या पीएचडी तथा शोध अनुभव रखने वालों को वरीयता मिलेगी। इच्छुक उम्मीदवार 30 अप्रैल तक आवेदन जमा कर सकते हैं। संवाद