हिमाचल प्रदेश विवि ने एनएसयूआई के तीन नेताओं पर कार्रवाई करते हुए उन्हें विवि से निष्कासित कर दिया है। इन छात्र नेताओं पर कुलपति कार्यालय में दस जनवरी को हंगामा करने के आरोप हैं। यह छात्र नेता पहले से कंडक्ट प्रोबेशन में चल रहे थे। सोमवार को पुस्तकालय खुलवाने और छात्रावासों को खुला रखने की विद्यार्थियों और शोधार्थियों की मांग को लेकर शाम साढ़े छह बजे तक यह कुलपति कार्यालय में धरने पर बैठे रहे। इस पर यह कार्रवाई की गई है। इन छात्र संगठन नेताओं में यासीन मोहम्मद छात्र (एमटीटीएम), विनोद कुमार (एमफिल ग्रामीण विकास), प्रवीण (पीजी डिप्लोमा आंबेडकर स्टडीज) शामिल हैं। इन तीनों के निष्कासन के आदेश बुधवार को विवि के कुलसचिव ने जारी किए हैं।
निष्कासन वापस न लिया तो आंदोलन को तैयार रहे विवि प्रशासन
इधर, आदेशों पर भड़की एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि विवि प्रशासन ने पहले भी सिर्फ एनएसयूआई के नेताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कंडक्ट प्रोबेशन में रखा था। अब इनको निष्कासित करने का फरमान जारी कर दिया है। छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि विवि प्रशासन इन आदेशों को तुरंत वापस ले। छात्र संगठन होने के नाते हर एनएसयूआई कार्यकर्ता का अधिकार है कि वह विवि प्रशासन के समक्ष छात्र विरोधी लिए गए फैसलों का विरोध करे और छात्रों की जायज मांगों को मनवाने के लिए संघर्ष करे। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ एनएसयूआई पर की जाती है। विवि परिसर में दराट, डंडे और रॉड से एक दूसरे पर हमले के मामले में विवि प्रशासन चुप्पी साधे रखता है। निष्कासन के आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा।