हिमाचल में पशुपालकों की मजबूत सोसायटियां बनाकर बाहरी राज्यों के दूध को चुनौती दी जाएगी। सरकार की एजेंसी मिल्कफेड वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हर रोज 1.61 लाख लीटर दूध खरीदती है। पशुपालकों से गाय का दूध 80 रुपए और भैंस का दूध 100 रुपए लीटर के हिसाब से खरीदना प्रस्तावित है। पशुपालकों से दध खरीदे से होने वाली आर्थिक नुकसान की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार से डेयरी विकास के लिए वित्तीय मदद जुटाई जाएगी। प्रदेश में बाहरी राज्यों से हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में हर रोज करीब दो लाख लीटर दूध बाजारों में बेचकर उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। प्रदेश में दुग्ध सहकारिता को कैसे मजबूत बनाया जा सकता है। इसे लेकर राज्य के पशुपालक विभाग के सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में मिल्कफेड के अधिकारी गुजरात में अध्ययन करने गए है।
इसके बाद अन्य राज्यो में भी अधिकारी दुग्ध उत्पादकों की सहकारिता का अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके बाद प्रदेश में पशुपालकों की सहकारिता मजबूत करके दूध का उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता में सुधार करेंगे। मिल्कफेड के दूध को अच्छा ब्रांड बनाकर दूसरे ब्रांड के दूध को चुनौती देकर बाजार में अलग पहचान बनाने की योजना है। राज्य के कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार कहते हैं कि मिल्क फै़ड के दूध को बाजार में उपलब्ध दूसरे राज्यों के ब्रांड के दूध को चुनौती दी जाएगी। प्रदेश में पशुपालकों की मजबूत सोसाइटियां बनाकर गाय का दूध 80 रुपए लीटर और भैंस का दूध 100 रुपए लीटर खरीदा जाना है। इसके अलावा मिल्कफेड दूध से बाजार मांग के अनुसार प्रोडक्ट तैयार करके बेचे जाने हैं।