मूसलाधार बारिश सोमवार सुबह राजधानी शिमला में भारी तबाही लेकर आई। समरहिल में भूस्खलन और पेड़ ढहने से मलबे में शिवमंदिर दब गया। अब तक बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हो गई है। कई लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी है।
राजधानी शिमला के समरहिल में सोमवार की सुबह हुए भूस्खलन के कारण निचली ओर बने शिवमंदिर और ढारे मलबे में दब गए। सोमवार को आठ शव निकाले गए। मंगलवार को फिर एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया। अभी तक चार और शवों को निकाल लिया गया है। अभी तक 12 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
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समरहिल में एक ही परिवार के सात लोग भी लापता हैं। अपनों का अभी तक पता नहीं चलने से परिजन परेशान हैं। समरहिल में अभी भी कम से कम 20 लोग दबे हुए हैं। ये वो लोग हैं जो शिवमंदिर में थे। लेकिन इसके अलावा रास्ते से निकल रहे कितने लोग भूस्खलन की चपेट में आए उसकी जानकारी नहीं है। स्थानीय पार्षद ने यह जानकारी दी है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार जब भूस्खलन हुआ तो मंदिर में पूजा का कार्य चल रहा था। अधिकतर लोग मलबे के साथ नीचे बह गए। इसको देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन की एक टीम को नीचे नाले में भेजकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वहीं, शिमला पुलिस ने अपील की है कि यदि शिवबाड़ी मंदिर हादसे के बाद शिमला व समरहिल के आसपास के क्षेत्र से यदि कोई व्यक्ति गुमशुदा है तो कि उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर व संपूर्ण जानकारी साझा करें। इसके लिए पुलिस स्टेशन बालूगंज 01772830193, पुलिस कंट्रोल रूम शिमला 01772800100 व 112 पर सूचित करें।
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दरअसल, सावन का सोमवार होने के कारण सुबह से ही समरहिल के शिवमंदिर में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। भारी बारिश के चलते सुबह करीब 7:15 बजे धमाके के साथ भारी मलबा पेड़ों समेत मंदिर पर जा गिरा। इससे यह मंदिर पूरी तरह से मलबे में दब गया। जो लोग मंदिर पहुंचे थे, उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला।
आसपास के लोगों को जैसे ही इसका पता चला तो सभी मौके की ओर भागे। प्रशासन को भी सूचना दी गई। प्रशासन, पुलिस, दमकल समेत एसडीआरएफ की टीमें तो मौके पर पहुंच गईं लेकिन सड़कें बंद होने के कारण मशीनरी कई घंटे बाद मौके पर पहुंची। जवानों ने हाथों से ही मलबे को हटाने का काम शुरू किया।
सोमवार रात तक एक-एक कर आठ शव बरामद हो गए थे। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। इसके लिए मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत कई मंत्री और विधायक भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया।