शिमला में हिमलैंड के समीप भारी बारिश से हुआ भूस्खलन।
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शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे पर निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी का दरकना जारी है। भूस्खलन से शुक्रवार को 20 घंटे एनएच ठप रहा। इससे हजारों लोग परेशान रहे। वहीं, वीरवार रात 9 बजे खोतीनाला के पास पहले बड़ा ट्राला पलट गया फिर रात 11 बजे नौ मील के पास भूस्खलन होने से चंडीगढ़-मंडी नेशनल हाईवे 13 घंटे बंद रहा। रात भर लोग गाड़ियों में ही फंसे रहे। शुक्रवार सुबह एनएच यातायात के लिए एकतरफा बहाल किया गया।
शनिवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
उधर, प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। शुक्रवार को धर्मशाला में 13 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। शुक्रवार शाम तक प्रदेश में 128 सड़कें, 44 बिजली ट्रांसफार्मर और 67 पेयजल योजनाएं ठप रहे। वीरवार रात धर्मशाला, शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर में झमाझम बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 15 अगस्त तक प्रदेश में कई जगह बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
बारिश और भूस्खलन से नुकसान
मंडी में भारी बारिश और भूस्खलन से एक घर व चार गोशालाओं को नुकसान हुआ है। उधर, जोगिंद्रनगर की बजगर खड्ड में तेज बहाव में बहती हुई बाइक बरामद हुई। इसमें बाइक चालक के बहने की आशंका। पुलिस तथ्य जुटा रही है। कुल्लू की सैंज घाटी में पागलनाला और त्रेहड़ा के बीच शुक्रवार सुबह 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरा। इस कारण घाटी की 15 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति बाधित है। कुल्लू के बागीशियाड़ी गांव में भूस्खलन से घरों में पानी और मलबा घुस गया। 200 सेब के पेड़ भी धंस गए। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 35.8, बिलासपुर में 34.2, कांगड़ा में 31.1, चंबा में 32.4, हमीरपुर में 30.6, मंडी में 30.0, सोलन-नाहन में 28.2, धर्मशाला में 27.5, मनाली में 25.4 और शिमला में 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।