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Himachal Weather: हिमाचल में चार दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार, ऊना में 27 डिग्री पहुंचा पारा

Tue, 14 Feb 2023 09:30 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश में बीते दिनों हुई बर्फबारी से कई क्षेत्रों में जनजीवन अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाया है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 155 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। 23 बिजली ट्रांसफार्मर और 10 पेयजल योजनाएं अभी भी बंद हैं। 
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केलांग में बर्फ हटाते लोनिवि कर्मी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में चार दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 18 फरवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं,19 और 20 फरवरी को प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। प्रदेश में बीते दिनों हुई बर्फबारी से कई क्षेत्रों में जनजीवन अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाया है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 155 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। 23 बिजली ट्रांसफार्मर और 10 पेयजल योजनाएं अभी भी बंद हैं। लाहौल-स्पीति में 139, चंबा में सात, कुल्लू में चार, कांगड़ा-किन्नौर में दो-दो और शिमला में एक सड़क आवाजाही के लिए ठप है। चंबा में 18, लाहौल-स्पीति में चार और शिमला में एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद है। लाहौल-स्पीति में छह और चंबा में चार पेयजल योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। उधर, मंगलवार को मंडी में अधिकतम तापमान 26.5, सुंदरनगर में 25.5, हमीरपुर में 25.3, चंबा में 24.8, भुंतर में 24.4, कांगड़ा में 24.1, बिलासपुर में 23.5, धर्मशाला में 22.0, नाहन में 21.0, शिमला में 18.2, डलहौजी में 17.0, मनाली में 16.8, कुफरी में 12.1, कल्पा में 12.2 और केलांग में 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 7.8, सुंदरनगर 2.9, भुंतर 3.0, कल्पा माइनस 1.4, धर्मशाला 5.2, ऊना 4.8, नाहन 10.4, केलांग  माइनस 6.6, पालमपुर 6.0, सोलन 7.0, मनाली 1.6, कांगड़ा 5.5, मंडी 5.0, बिलासपुर 5.0, हमीरपुर 3.6, चंबा 5.2, डलहौजी 8.4, जुब्बड़हट्टी 8.8, कुफरी 7.2, कुकुमसेरी माइनस 5.8, नारकंडा 4.6, रिकांगपिओ 1.9, सेऊबाग 2.5, धौलाकुआं 5.4, बरठीं 3.0, पांवटा साहिब 7.0 और सराहन 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

सड़कों पर बढ़ी फिसलन, संभलकर करें आवाजाही
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एडवायजरी जारी की है। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। इससे हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन पर स्थानीय निवासी और पांगी की ओर जाने वाल लोग ही यात्रा कर सकेंगे। उन्हें भी दिन के समय फोर बाई फोर तथा सूमो के टायरों में चेन लगाकर ही आवाजाही करनी होगी। प्रशासन ने मौसम साफ रहने पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ही शर्तों को पूरा करते हुए सफर करने के निर्देश जारी किए हैं।
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उपायुक्त सुमित खिमटा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग तीन पर जमी हुई बर्फ (ब्लैक आइस) को ध्यान में रखते आगामी आदेश तक फोर बाई फोर वाहनों और टायरों में चेन वाली सूमो गाड़ियों से अटल टनल रोहतांग के माध्यम से जिले में प्रवेश करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन, मौसम और सड़कों की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए जिला लाहौल-स्पीति आपदा नियंत्रण कक्ष में 94594-61355, 01900202509, 510, 517 और टोल फ्री-1077 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। 

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पांगी के घिसल में तूफान से उड़ी नाग मंदिर की छत

वहीं, पांगी के घिसल गांव में दो दिन पहले बर्फीले तूफान ने ऐतिहासिक नाग मंदिर की छत को उखाड़ फेंका। गनीमत यह रही कि गांव के घरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जहां मंदिर है, वहां से लोगों के घर काफी दूर हैं। ग्रामीणों राज कुमार, राम सिंह, हीरा लाल, शांता कुमार, योगराज और मंगल चंद ने बताया कि मंदिर की छत को दोबारा बनाने के लिए ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय प्रशासन से मिला है। इसमें प्रशासन ने मंदिर की छत को बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने से इनकार किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर गांव के लोगों के लिए आस्था का प्रतीक है। यहां स्थापित नाग देवता ग्रामीणों के कुल देवता के रूप में विराजमान हैं। ऐसे में मंदिर की छत क्षतिग्रस्त होने से लोगों को मंदिर की मूर्तियों की चोरी होने की चिंता सता रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की छत को शीघ्र दुरूस्त करवाया जाए। उपमंडल अधिकारी पांगी रजनीश शर्मा ने बताया कि मंदिर की छत गिरने को लेकर लोग उनसे मिले थे लेकिन मंदिर के लिए राहत राशि नहीं दी जा सकती। इसके लिए ग्रामीणों को स्वयं प्रयास करने होंगे।
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