मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं। जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है।
कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेंनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं।
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के भगानी मेहरूवाला स्थित टापू में तीन परिवार के 32 लोग फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीएम रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचे। टीम ने सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू किए लोगों में महिलाएं, छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब के भगानी मेहरूवाला में टापू में तीन परिवार के 32 लोग फंस गए। देर रात करीब 2:30 बजे सूचना मिलने पर एसडीएम पांवटा जीएस चीमा रेस्क्यू टीम सहित मौके पर पहुंचे।
टीम ने मेहरूवाला के पास से गुज्जर परिवार, मवेशी और सामान सुबह 6.35 बजे तक निकाल लिया। इस दौरान थाना प्रभारी पुरुवाला जीत सिंह, नायब तहसीलदार पांवटा फरीद मोहहमद, पटवारी भगानी विष्णु भारद्वाज मौजूद रहे। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय गोताखोर, अग्निशमन विभाग, पुलिस व स्थानीय क्षेत्र के लोग शामिल रहे। रेस्क्यू किए लोगों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे