सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में मतगणना की जाएगी। इन चुनावों में 3,60,859 लोग मतदान करेंगे। इनमें 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 14 अन्य मतदाता होंगे। शहरी निकायों के चुनाव ईवीएम से होंगे। चार नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिह्न पर होंगे, जबकि निर्दलीय मतदाताओं को निर्वाचन आयोग चिह्न देगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अनिल खाची ने प्रेसवार्ता में कहा कि चुनाव के लिए कुल 589 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। यदि किसी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या अधिक पाई जाती है या अन्य आवश्यकताएं सामने आती हैं, तो सहायक पोलिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
यह पोलिंग स्टेशन संबंधित भवन में ही बनेंगे। महिलाओं के लिए अलग से पोलिंग स्टेशन होंगे, जहां सुरक्षा के लिए महिला पुलिस तैनाती होगी। सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। मतदान के दिन और मतगणना के दिन शराब के ठेके बंद रहेंगे। इसके अलावा संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
आयोग के निर्देशानुसार 27 अप्रैल को नई पंचायतों की मतदाता सूचियां फाइनल की जाएंगी। वहीं, पहले से मौजूद पंचायतों के लिए 24 अप्रैल को मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी करने का रास्ता साफ हो जाएगा। हिमाचल में पंचायतों की संख्या 3,758 है। इन पंचायतों में तीन चरणों में चुनाव होने हैं।
चुनाव वाले क्षेत्रों में ही लागू हुई आचार संहिता
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से आचार संहिता का पालन करने की अपील की है। अभी चुनाव वाले क्षेत्रों में ही आचार संहिता लागू की गई है। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना उनकी प्राथमिकता है।