राज्य में एक मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और 11 विधायकों के टिकट कटे हैं। सिटिंग विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उनसे संपर्क कर रहे हैं और भितरघात रोकने का प्रयास कर रहे हैं। भरमौर के भाजपा विधायक को तो नड्डा ने दिल्ली बुलाकर मना लिया और केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवारी से बाहर हुए अन्य भाजपा विधायकों से भी संपर्क में है।
द्रंग के जवाहर बोले टिकट कटना पार्टी का निर्णय, मुझे कोई मलाल नहीं
द्रंग के भाजपा विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि टिकट तो बड़े-बडे़ मंत्रियों के भी कट गए, उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है। उन्होंने पिछले पांच साल में द्रंग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य किए हैं। अगर गत चालीस वर्ष और पिछले पांच साल की बात करें तो उनके क्षेत्र में विकास कार्यों में रात-दिन का अंतर रहा है। पहली बार विधायक बने हैं। वह 1974 से राजनीति में हैं। यह पार्टी का निर्णय हैं। हो सकता है कि उनमें ही कोई कमी रही हो।
पूरा जीवन भारतीय जनता पार्टी और संघ के लिए लगा दिया : कमलेश
भोरंज की भाजपा विधायक कमलेश कुमारी ने कहा कि उन्होंने पूरा जीवन भारतीय जनता पार्टी और संघ के लिए लगा दिया है। वह कमल के फूल के साथ हैं। जिस दिन टिकट स्पष्ट हुआ, उसी दिन से उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपनी बात स्पष्ट कर दी। उन्हें भाजपा ने बहुत मान-सम्मान दिया है। वर्ष 2017 में उन्हें टिकट मिला तो उसके बाद से ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने बहुत विकास कार्य करवाए। भोरंज की जनता ने भी उन्हें बहुत सम्मान दिया है।
टिकट कटने का मलाल, मगर पार्टी का साथ दे रहा हूं : इंद्र सिंह
सरकाघाट के भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें टिकट कटने का मलाल है, मगर वह निर्दलीय चुनाव नहीं लडे़ेेंगे। वह अपनी क्षमता के अनुसार पार्टी का साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह निर्दलीय क्यों चुनाव लडे़ं। वह पार्टी प्रत्याशी का सहयोग कर रहे हैं।
बड़ी पार्टियां हैं और टिकट बदल भी जाते हैं : सुभाष ठाकुर
बिलासपुर से भाजपा विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने पिछली बार चुनाव लड़ा। सात हजार वोट के मार्जिन से जीते। लोगों ने साथ दिया। लोगों ने कहा है कि उन्होंने ईमानदारी से काम किया है। अगर लोग यह तमगा देते हैं तो उन्हें अच्छा लगता है। पार्टी प्रत्याशी का साथ देने के मामले में उन्होंने कहा कि अभी विदड्रावल होंगे। फिर सिंबल मिलेंगे। क्या पता लगता है, बड़ी पार्टियां हैं और टिकट बदल भी जाते हैं। यह भविष्य के गर्भ में है।