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Himachal News: फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर करने लगे वाहनों की चेकिंग, पुलिस ने पकड़े आरोपी

Thu, 18 Jul 2024 04:02 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन/दाड़लाघाट।

सार

जिला सोलन में फर्जी सीबीआई अधिकारी पकड़े गए हैं। यहां तीन आरोपी अपनी गाड़ी पर बत्ती लगाकर वाहनों को जांच के लिए रोक रहे थे। पुलिस को भनक लगी तो तुरंत इन्हें पकड़ा गया। इन्होंने ऐसा क्यों किया ये जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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गाड़ी पर लाल बत्ती लगाकर वाहनों को जांच कर रहे थे आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर वाहनों की जांच करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह तीनों आरोपी शालूघाट में मंदिर द्वार के पास अपनी गाड़ी में बत्ती लगाकर वाहनों को जांच के लिए रोक रहे थे। इसकी शिकायत एक व्यक्ति ने पुलिस से कर दी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि यह तीनों अपना रुतबा बनाने के लिए गाड़ियों की जांच कर रहे थे। अभी तक किसी भी व्यक्ति से पैसे ऐंठने को लेकर कोई शिकायत नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

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पुलिस के अनुसार स्थानीय निवासी ने पुलिस को शिकायत दी कि वह अपनी कार में तेल डलवाने के लिए खारसी जा रहा था। शालूघाट में मंदिर गेट के पास एक कार खड़ी थी, जिस पर लाल बत्ती लगी हुई थी। कार के साथ दो व्यक्ति खड़े थे, जो आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच कर रहे थे और खुद को सीबीआई के अधिकारी बता रहे थे। पुलिस ने इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मनोज कुमार, विनोद कुमार और नरेश कुमार उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के निवासी हैं। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों से गाड़ी में लगी फ्लैशर लाइट को भी कब्जे में लिया।
माथा टेकने आए थे, रुतबा बनाने के लिए बनाया प्लान

एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों शालूघाट मंदिर में माथा टेकने आए थे। वहां उन्होंने सीबीआई अधिकारी बनकर गाड़ियों की जांच करने और अपना रुतबा बनाने का प्लान बनाया। नरेश कुमार उर्फ भूरा डीएसपी सीबीआई बनकर गाड़ी में बैठ गया, जबकि मनोज कुमार और विनोद कुमार आने-जाने वाली गाड़ियों को चेकिंग के लिए रोकने लगे। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने पर वह वहां से भाग गए। जांच में पाया गया कि इन तीनों ने गाड़ी पर लगी फ्लैशर लाइट 12 जुलाई को ऑनलाइन मंगवाई थी। अभी तक की जांच में इनकी तरफ से पैसे उगाही की कोई बात सामने नहीं आई है। फिर भी मामले की प्राथमिकता से जांच जारी है।

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