फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयराम ठाकुर: व्यवस्था परिवर्तन की बात करने वाले डाल रहे आर्थिक बोझ, बना दिए छह सीपीएस

Sun, 08 Jan 2023 08:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)

सार

जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा सत्र में कांग्रेस सरकार के नेताओं ने हिमाचल में खर्च कम करने की बात की थी। अब छह सीपीएस बनाकर हिमाचल की जनता पर करोड़ों रुपये का आर्थिक बोझ डाल दिया है।
विज्ञापन
मीडिया से बातचीत करते जयराम ठाकुर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि व्यवस्था परिवर्तन की बात करने वाली सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार ने जनता पर ही भारी आर्थिक बोझ डाल दिया है। प्रदेश में पहली बार छह सीपीएस बना दिए गए हैं। केवल अपनी सरकार चलाने के लिए ऐसा किया गया है। प्रदेश में डीजल पर वैट बढ़ोतरी गरीबों पर बोझ है। प्रदेश में सैकड़ों संस्थानों को बंद करके वर्तमान सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। 

विज्ञापन


रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार से लौटते हुए पांवटा साहिब में मीडिया से बात करते हुए जयराम ने कहा कि विधानसभा सत्र में कांग्रेस सरकार के नेताओं ने हिमाचल में खर्च कम करने की बात की थी। अब छह सीपीएस बनाकर हिमाचल की जनता पर करोड़ों रुपये का आर्थिक बोझ डाल दिया है।

इनका खर्च निकालने के लिए जनता को तीन रुपये प्रति लीटर डीजल बढ़ाना जनता को तोहफा दिया है। इससे मालभाड़ा, रॉ मैटेरियल व राशन के दाम समेत प्रदेश में महंगाई बढ़ेगी। जबकि, प्रदेश में भाजपा सरकार के समय में देश में सबसे सस्ता डीजल व पेट्रोल मिल रहा था। 
विज्ञापन


पहले प्रति लीटर डीजल पर 4.40 वैट था। अब नई प्रदेश सरकार ने इसे 7.40 रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब कर्ज की सीमा बढ़ाने को बिल पारित कर तीन हजार करोड़ कर्ज लेने की तैयारी नई सरकार कर रही है। इस सरकार ने बदले की भावना से भाजपा राज में खोले व संचालित हो रहे एसडीएम कार्यालय, तहसील व उप तहसील समेत सैकड़ों कार्यालयों को बंद कर दिया है।  

एक सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि मिशन लोटस की भाजपा को कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस ने इतने सीपीएस केवल विधायकों को बांधे रखने को बनाए हैं। अपने विधायकों पर भरोसा होना चाहिए। प्रदेश में सीपीएस कानूनी तौर पर बनाए जाना कितना सही है,  इस पर मंथन किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें