फर्जी तरीके से एमबीबीएस सीट पाने वाली छात्रा का दाखिला रद्द करने के साथ ही उसे मेडिकल कॉलेज चंबा से निकाल दिया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से नेशनल मेडिकल काउंसिल और नेरचौक मेडिकल कॉलेज को दाखिला रद्द करने के बाबत अवगत करवा दिया गया है। बहरहाल, पुलिस टीम मामले को लेकर अपने स्तर पर तफ्तीश में जुटी हुई है। पुलिस आगामी समय में जल्द बड़ा खुलासा भी कर सकती है। नीट के परिणाम में गड़बड़ी कर एमबीबीएस में दाखिला पाने का शिमला के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज में मामला आने से हर कोई हैरान है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार छात्रा ने किस प्रकार से नीट की मार्क्सशीट में टेंपरिग कर अंकों को बढ़ाकर एमबीबीएस की सीट हासिल कर ली। इतना ही नहीं, यदि शिमला में टेंपरिंग कर मार्क्सशीट में नंबर बढ़ाने का मामला प्रकाश में नहीं आता तो प्रशिक्षु छात्रा एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद चिकित्सक तक बन जाती। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि टेंपरिंग कर सीट हथियाने वाली छात्रा का दाखिला रद्द कर उसे मेडिक्ल कॉलेज चंबा से निकाल दिया गया है। अब विश्वविद्यालय स्तर पर ही रिक्त सीट भरी जाएगी।