प्रेस वार्ता करते प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप।
- फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही नाराज नेताओं को मनाने और पार्टी बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। भाजपा ने यू-टर्न लेते हुए छह साल के लिए निष्कासित पूर्व आईटी सेल के प्रमुख चेतन बरागटा को दोबारा पार्टी में एंट्री दे दी है। धूमल सरकार में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं हमीरपुर से विधायक रहीं उर्मिल ठाकुर ने भी दोबारा पार्टी की सदस्यता ले ली है। आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल कांगड़ा जिला के राकेश चौधरी और जिला परिषद शाहपुर के सदस्य जोगिंद्र पंकू ने भी दोबारा भाजपा का दामन थाम लिया है। इन सभी नेताओं ने वीरवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय दीपकमल में प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली।
भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दिवंगत नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने पार्टी प्रत्याशी नीलम सरैइक के खिलाफ जुब्बल-कोटखाई से हाल ही में विधानसभा उपचुनाव लड़ा था। उसके बाद उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। यह भी साफ किया था कि किसी भी सूरत में उनकी पार्टी में दोबारा एंट्री नहीं होगी। परिवारवाद की बात कर उनका टिकट काटा गया था। उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिलेगा या नहीं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है। उर्मिल ठाकुर का 2012 में विधानसभा चुनाव का टिकट कट गया था। उसके बाद वह कांग्रेस के साथ हो ली थीं। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता नहीं ली थी।
बीच में उर्मिल निष्क्रिय रहीं। अब उनकी भी घर वापसी हो गई है। राकेश चौधरी ने वर्ष 2019 में धर्मशाला में हुए विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी विशाल नैहरिया के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था और अच्छे वोट लिए थे। उन्हें भी भाजपा से निकाल दिया गया था। अब उनकी भी घर वापसी हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि इनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। वे आक्रामक तरीके से चुनाव की ओर बढ़ेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खीमी राम और ठियोग से पूर्व विधायक दिवंगत राकेश वर्मा की पत्नी इंदु वर्मा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद इसे भाजपा के डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
धूमल चुनाव नहीं लडे़ तो टिकट की सशक्त दावेदार होंगी उर्मिल
उर्मिल ठाकुर की भाजपा में वापसी से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के विधानसभा हलके सुजानपुर में फिर हलचल पैदा हो गई है। यह बात स्पष्ट नहीं है कि उर्मिल ठाकुर विधानसभा चुनाव लड़ने के मकसद से भाजपा में शामिल हुई हैं या बिना शर्त के पार्टी ज्वाइन की है। लेकिन अगर धूमल सुजानपुर से चुनाव नहीं लड़े तो उर्मिल वहां से भाजपा के टिकट की सशक्त दावेदार होंगी।