प्रदेश में चोटियां कटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोग अब डर के साये में रात गुजारने को मजबूर हैं। सोलन, पांवटा साहिब, भरमाड़ के बाद कांगड़ा जिला में चोटियां कटने के ऐसे मामले सामने आए हैं।
अब कांगड़ा जिले की नूरपुर तहसील के राजा का तालाब के साथ लगती तलाड़ा पंचायत के बल्ला गांव में देर रात को शिव प्रसाद की बेटी पलक (13) की चोटी भी रात को सोते समय कट गई।
शिव प्रसाद ने बताया कि रविवार रात को खाना खाने के बाद वे और उनकी पत्नी रमा देवी एक कमरे, जबकि दोनों बेटियां पलक और नितिशा (18) दूसरे कमरे में दरवाजों को चिटकनी लगाकर सो गए।
सुबह साढ़े छह बजे बेटियों को उठाया तो दोनों बेटियां रोने लग पड़ीं। जब ध्यान से देखा तो छोटी बेटी पलक की चोटी कटी थी। इस घटना से क्षेत्र में भय का माहौल है। लोग रात को चोटी कटने के भय से सो नहीं पा रहे हैं।
लोगों के जहन में यही सवाल उठ रहा है कि दरवाजे बंद होने के बावजूद चोटी कटने की ऐसा कैसे संभव हो सकता है। थाना प्रभारी नूरपुर संदीप शर्मा का कहना है कि ऐसी जानकारी मिली है।
रैहन पुलिस कार्रवाई के लिए गई है। चौकी प्रभारी रैहन राजेश द्विवेदी ने बताया कि दरवाजे में चिटकनी लगी थी थी, जबकि बड़ी लड़की नितिशा खिड़की के पास और छोटी पलक दीवार से लगकर सोई थी। खिड़की से हाथ अंदर आना भी संभव नहीं है।