हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्णयों को लेकर अध्यापक संघों या कर्मचारियों ने विरोधाभासी बयान दिया तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक संघों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। शनिवार देर शाम उच्च शिक्षा निदेशक ने जारी पत्र में सभी शिक्षा उप निदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों को इस संदर्भ में जागरूक किया जाए। पत्र में कहा गया है कि प्राय: यह देखा जा रहा है कि अध्यापक संघ और कर्मचारी समाचार पत्रों या सोशल मीडिया के माध्यम से खुले तौर पर सरकार के फैसलों पर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं जो कि सरकारी कर्मचारियों पर लागू केंद्रीय सिविल सेवा नियम 1964 का उल्लंघन है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा है कि सभी शिक्षा उप निदेेशकों और प्रिंसिपल को निर्देश दिए जाते हैं कि अपने-अपने अधीनस्थ समस्त कर्मचारियों और अध्यापक संघों को इस बारे में जागरूक करें। गौर हो कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि अभी हाल ही में कोरोना के चलते बोर्ड की जो परीक्षाएं स्थगित की हैं, उनको लेकर शिक्षक संघ विरोधाभासी बयान दे रहे थे।