हाईकोर्ट ने सात तदर्थ न्यायिक अधिकारियों को कार्यवाहक अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश बनाया है। इससे पहले ये तदर्थ आधार पर अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर सेवाएं दे रहे थे। कार्यवाहक आधार पर यह नियुक्ति दो वर्ष के लिए की गई है। हाईकोर्ट से जारी अधिसूचना के तहत सपना पांडे, प्रताप सिंह ठाकुर, अरविंद कुमार, परविंदर सिंह अरोड़ा, होशियार सिंह वर्मा, यजुवेंद्र सिंह, हितेंद्र शर्मा को दो वर्ष की अवधि के लिए स्थानापन्न आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदस्थापन किया है।
प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैज्ञानिक तरीके से लुहरी विद्युत परियोजना के निर्माण पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने सचिव वन विभाग से इस मामले में जवाब तलब किया है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि नरोला गांव के जिन घरों में ब्लास्टिंग से दरारें पड़ी हैं, उनकी सूची अदालत के समक्ष पेश की जाए। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर को निर्धारित की है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि रामपुर के गांव नरोला में लुहरी विद्युत परियोजना फेज-एक का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग की जा रही है।
अदालत को बताया गया कि सतलुज जल विद्युत निगम ने गांव की सुरक्षा के लिए डंगा लगाने का निर्णय लिया है और फंड भी जारी कर दिया है, लेकिन वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण डंगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर ने अदालत को बताया कि ठेकेदार के अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग करने के कारण घरों में दरारें पड़ी हैं। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि गांव के ऊपर ढांक में दरारें आने से जान-माल को खतरा बना हुआ है। अदालत को बताया गया कि ठेकेदार की ओर से सतलुज नदी में मलबा फेंका जा रहा है। इससे न केवल पानी दूषित हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। अदालत ने इन आरोपों की वस्तुस्थिति जानने के लिए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर से रिपोर्ट तलब की थी।