नादौन ब्लॉक के जोलसप्पड़ पंचायत के कोहला पलासड़ी गांव निवासी सौरभ कुमार ने चांद पर जमीन खरीदी है। चांद पर जमीन खरीदकर उन्होंने अपना सपना साकार किया है। सौरभ ने चांद पर 8 कनाल जमीन खरीदने के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया था। जिस पर खरीदी गई जमीन के दस्तावेज भी लॉस एंजल्स की इंटरनेशनल लूनर लैंड अथॉरिटी की तरफ से सौरभ कुमार को भेज दिए गए हैं।
सौरभ पेशे से चंडीगढ़ में मेकेनिकल इंजीनियर हैं। लॉस एंजल्स इंटरनेशनल लूनर लैंड अथॉरिटी चांद पर सोसायटी बसाने के इरादे से जमीन बेच रही है। भारत समेत कई देशों के लोग इस अथॉरिटी के जरिये चांद पर जमीन खरीद रहे हैं। हिमाचल में इससे पहले से भी कुछ लोग चांद पर जमीन खरीद चुके हैं।
सौरभ का कहना है कि कुछ अलग करने की चाहत में उन्होंने चांद पर जमीन खरीदी है। एक दिन पूर्व ही हमीरपुर के वार्ड नंबर पांच निवासी एडवोकेट अमित शर्मा ने अपनी बेटी को जन्मदिवस पर चांद पर जमीन खरीद का उपहार दिया था।
बता दें कि 1967 में 105 देशों ने बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty 1967) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संधि के मुताबिक किसी भी व्यक्ति या देश का खगोलीय पिंडो पर कोई अधिकार नहीं होगा। चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों का उपयोग शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होगा। इसलिए चंद्रमा पर जमीन बेचने के दावों में कानूनी वैधता का अभाव है और संभावित रूप से लोग अपनी मेहनत की कमाई को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए पाठक अपनी जमापूंजी को सोच समझकर ही ऐसी जगह निवेश करें।