ब्यास के साथ सैंज घाटी के बेकर गांव का भी बाढ़ से नामोनिशान ही मिट गया है। सैंज खड्ड की चपेट में आए बेकर गांव के दस परिवारों के सिर से छत छिन गई है और वह अब अपने रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से उन्हें फौरी राहत के साथ टेंट व खाद्य सामग्री दी है।
गांव बहने का खुलासा शुक्रवार को हुआ, जब लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सांसद प्रतिभा सिंह ने सैंज घाटी के बाढ़ग्रस्त इलाकों में नुकसान का जायजा लिया है। विक्रमादित्य ने कहा कि सरकार प्रभावित ग्रामीणों को घर बनाने के लिए जमीन प्रदान करेगी ओर नुकसान का भी मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि सैंज के सभी 70 प्रभावित लोगों की सरकार हरसंभव मदद करेगी। सैंज को फिर से बसाया जाएगा।
इससे पहले उन्होंने पार्वती घाटी का भी दौरा किया और लोगों से मिलकर उनका दर्द बांटा। उल्लेखनीय हैं कि सैंज खड्ड की बाढञने न्यूली से लेकर लारजी तक सरकारी व निजी संपत्ति को तबाह कर दिया। इसमें पुलिस थाना सैंज के साथ एनएचपीसी की कालोनी को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बेकर गांव में 100 बीघा जमीन के साथ एक पैदल पुल भी बह गया है। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, महासचिव घनश्याम शर्मा मौजूद रहे।