मोदी के मंच पर कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन को जगह देकर विपक्ष पर सियासी अस्त्र चलाया गया। अपने भाषण में हालांकि मोदी ने हर्ष महाजन का जिक्र तो नहीं किया लेकिन, मंझी हुई सियासी रणनीति के तहत मोदी के मंच पर आने से पहले हर्ष महाजन से कांग्रेस पर सियासी प्रहार करवाया गया। हर्ष महाजन के भाषण में दिखा कि उनकी एंट्री सिर्फ दिल्ली से ही हुई। उन्होंने मोदी, अमित शाह और नड्डा की जमकर तारीफ की। अमित शाह के दिमाग को तो उन्होंने कंप्यूटर बताया।
रैली में चंबा-कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की सियासत को ही पिरोया गया। मंच पर चंबा-कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के दोनों सांसदों किशन कपूर और इंदु गोस्वामी को जगह दी गई। चंबा जिले के चारों भाजपा विधायकों को भी जगह मिली। चंबा जिले से बाहर के मंत्रियों को जनता के साथ पंडाल में बैठना पड़ा। हिमाचल के राज्यपाल मंच पर मौजूद रहे। रैली में टिकट के दावेदारों ने खूब शक्ति प्रदर्शन किया। मंच पर मोदी के आने के बाद मोदी के अलावा केवल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ही भाषण देने का मौका मिला।
मोदी ने साधा सियासी संतुलन, नहीं आए शांता और धूमल
मंच से मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर जब भी उनसे मिलने आते हैं तो हिमाचल की धरोहरें भेंट स्वरूप लाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल को भी याद दिलाया। हालांकि, मोदी ने मंच से सिर्फ जयराम ठाकुर, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल का ही नाम लिया। रैली में शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल नहीं आए।