इसी तरह भाजपा ने कांग्रेस विधायकों में कांगड़ा से पवन काजल और नालागढ़ से लखविंद्र ठाकुर को अपने साथ मिलाया है। कांगड़ा और नालागढ़ में अगर इन दोनों को भाजपा से टिकट दिए जाते हैं तो भी भाजपा को इन दोनोें विधानसभा क्षेत्रों में अपनों को मनाना आसान नहीं होगा। कांगड़ा में पुराने भाजपा नेताओं का एक समूह पवन काजल को टिकट देने का विरोध कर रहा है तो नालागढ़ में पूर्व भाजपा विधायक केएल ठाकुर और उनके समर्थक लखविंद्र राणा को टिकट के पक्ष में नहीं हैं। नालागढ़ में केएल ठाकुर खुद चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। वीरभद्र सिंह के प्रमुख रणनीतिकार हर्ष महाजन भी हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं, अभी उन्होंने इस पर स्थिति साफ नहीं की है, क्योंकि उन्होंने 2003 के बाद कांग्रेस से भी चुनाव नहीं लड़ा। अगर हर्ष महाजन को चंबा से टिकट मिलता है तो वहां सिटिंग एमएलए पवन नैयर को मनाना भी आसान नहीं होगा, जो खुद चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं।
सुंदरनगर में भाजपा प्रदेश महामंत्री की परेशानी बढ़ा रहे पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर
- सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर भाजपा के प्रदेश महामंत्री और विधायक राकेश जमवाल की परेशानी बढ़ा रहे हैं। रूप सिंह ठाकुर के बेटे आशीष ठाकुर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। मंडी लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी वह अपने तेवर दिखा चुके हैं।