कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे बादल फटा। इससे आई बाढ़ ने रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांवों में भारी तबाही मचाते हुए एक प्राथमिक स्कूल, 18 मकानों और 9 गोशालाओं को चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि जनहानि नहीं हुई। एसडीआरएफ के 15 और पुलिस के 10 जवान मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एएसपी बीर बहादुर ने बताया कि डिब्बा और मानेड़ नाला में मलबा आने से बोह घाटी की सड़क बंद हो गई है।
एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि प्रभावित परिवारों को नजदीकी स्कूल में ठहराया गया है। वहीं, जवाली की न्यांगल पंचायत में भूस्खलन से नाले का रुख बदलने से 10 से 15 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। खराब मौसम के चलते दिल्ली से कांगड़ा आने वाली तीन उड़ानें रद्द रहीं। जाहलमा नाले में सड़क बंद होने से निशुल्क सेवाएं देने पहुंची दिल्ली के एक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 28 घंटे से फंसी है। राजधानी शिमला में मंगलवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन देर रात अचानक माैसम बदल गया और करीब सवा घंटे तक भारी बारिश हुई। बदले मौसम के बीच प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री की गिरावट आई है। उधर, पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक पर 22 से 23 जुलाई तक सभी ट्रेनें अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।