शिमला। खलीनी में आयोजित सात दिवसीय भगवान शिव कथा के तीसरे दिन वीरवार को कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर ने सती प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर तर्क-वितर्क का नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष दर्शन का विषय हैं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव सती के साथ अगस्त्य मुनि के आश्रम में श्रीराम कथा सुनने गए थे लेकिन तर्कबुद्धि के कारण सती कथा का मर्म नहीं समझ सकी। बाद में भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने का उनका प्रयास भी असफल रहा। डॉ. सर्वेश्वर ने कहा कि स्वयं भगवान शिव ने बताया है कि ईश्वर मन, वाणी और बुद्धि से परे हैं। रावण जैसा वेदों का ज्ञाता भी बुद्धि के बल पर भगवान श्रीराम को नहीं समझ सका। कथा में प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर को हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इससे पूर्व सुबोध सूद ने परिवार सहित पूजा-अर्चना की। कथा का समापन प्रभु की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता संजय सूद, जिला परिषद सदस्य प्रियंका तनवर, अनिल तनवर, महिंदर कुमार, वीरेंद्र ठाकुर, अधिवक्ता योगिंदर पॉल, दीपक शर्मा, संजीव ठाकुर, राजीव पंडित और तरसेम पराशर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद