हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के ऊपरी बल्ह क्षेत्र के रिवालसर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छेश्चू मेले के दूसरे दिन गुरु पद्मसंभव निंगमापा बौद्ध मठ के प्रांगण में बौद्ध अनुयायियों और लामाओं की ओर से छम नृत्य का आयोजन किया गया। इसमें गुरु पद्मसंभव के 10 अवतारों को दर्शाया गया इस दौरान लामाओं ने अपने मुंह पर विभिन्न तरह के मुखौटे पहनकर छम नृत्य किया गया। नृत्य को देखने के लिए लोगों में बड़ी उत्सुकता देखी गई। इससे पहले निंगमापा मंदिर से लेकर झील की परिक्रमा करते हुए शोभायात्रा भी निकाली गई। इसमें देवी-देवताओं ने शिरकत की। इस शोभायात्रा में एसडीएम विशाल शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके बाद बौद्ध लामाओं ने पूजा-अर्चना कर ऐतिहासिक झील की परिक्रमा की। उधर गुरु दुदुजम रिंपोंछे तेंजिन येसे दोरजे ने बौद्ध श्रद्धालुओं को झील परिक्रमा पर अपने छेवांग से दूसरे दिन भी निहाल करते हुए उन्हें दीर्घ आयु की कामना करते हुए अपने प्रवचनों से पुण्य किया। दूसरे दिन मेला आयोजन कमेटी ने प्रथम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया। इसमें प्रदेश के लोक गायक एसी भरद्वाज ने हिंदी, पहाड़ी व पंजाबी गीतों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का भरपूर मनोरंजन किया। इस मौके पर पंडाल में बैठे दर्शक प्रस्तुतियों पर खूब झूमे। सबसे अधिक आकर्षित का केंद्र छम नृत्य रहा। इसे देखने के लिए देश व दुनियाभर से बौद्ध अनुयायियी पहुंचे। तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय मेले के दूसरे दिन मेला कमेटी की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताएं व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए। इस मौके पर नगर पंचायत की अध्यक्ष सुनीता देवी, पार्षद सलोचना देवी, कमल आदि मौजूद रहे।