आदित्य कुमार झा,श्रद्धा
- फोटो : अमर उजाला
छठी कक्षा से ही सपना है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर देश की सेवा कर सकूं पर मेरे इस लक्ष्य में बहुत सी बाधाएं थीं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ने मानों मेरे सपने में जान डाल दी और मैं आत्मविश्वास से भर गया। छात्रवृत्ति से मिले पैसों से ही मैंने नौवीं की पढ़ाई की, जिसमें मैंने 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। - आदित्य कुमार झा, रोहतक
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण यह सब मुश्किल था। मेरे पिता जी एक ड्राइवर हैं। एक दिन मैंने अमर उजाला अखबार के माध्यम से अतुल महेश्वरी छात्रवृति के बारे में पढ़ा और इस परीक्षा को देकर मैंने 50 हजार रुपये की छात्रवृति हासिल की। मैंने 12वीं 92 प्रतिशत अंकों से पास की और अब इस छात्रवृति से मिले रुपयों से नीट की कोचिंग ले रही हूं। - श्रद्धा, धर्मशाला