शिमला। आधुनिक चिकित्सा के दौर में जहां उपचार लगातार महंगा हो रहा है, वहीं राजधानी शिमला के लोकल बस अड्डे के पास स्थित गुरुद्वारे में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा 27 वर्षों से लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है। यहां 80 वर्षीय सेवादार सरदार अमरीक सिंह बिना शुल्क लोगों को विशेष तकनीक से लोटे की थेरेपी देकर दर्द से राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। गुरुद्वारा परिसर में संचालित इस केंद्र में प्रतिदिन 30 से 40 लोग आते हैं। अमरीक सिंह का कहना है कि लोग कमर दर्द, जोड़ों के दर्द, मोच, गर्दन दर्द और अन्य शारीरिक तकलीफों के लिए यहां पहुंचते हैं। आग के माध्यम से लोटे के अंदर की हवा को गर्म किया जाता है। इसके बाद जब गर्म लोटा त्वचा पर लगाया जाता है तो वैक्यूम के कारण त्वचा और उसके नीचे के ऊतक हल्के से ऊपर की ओर खिंच जाते हैं। इससे मांसपेशियों में तनाव कम होता है, स्थानीय रक्त प्रभाव बढ़ता है और ब्लॉक हुई नसें खुल जाती हैं। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शिमला के प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि मानव सेवा की भावना के कारण गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा का केंद्र आज कई लोगों के लिए उम्मीद का एक ठिकाना बना हुआ है जहां बिना फीस और बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा की जा रही है। इसके अलावा गुरुद्वारा की एक होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भी है जिसमें क्वालिफाइड डॉक्टर बैठते हैं। संवाद