जबकि दो लाख रुपये पीड़ित के खाते में आने थे। दोनों ने पीड़ित को उद्योग में लगी मशीनरी के बदले 26 लाख रुपये बतौर धरोहर राशि भुगतान करने पर सहमति जताई। इसमें से भी पीड़ित को सिर्फ 15 लाख रुपये ही मिल पाए हैं। पीड़ित नमखा दोरजे के अनुसार वह भारत में निवेश के इरादे से यहां आया था और उसे उम्मीद थी कि उसकी वजह से स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा।
सोलन मशरूम सिटी के नाम से देश भर में प्रचलित है ऐसे में उसने यहां मशरूम उत्पादन करने का फैसला किया। लेकिन अब उसकी जमापूंजी, जमीन और उद्योग तीनों खतरे में हैं। जब वे उद्योग की जमीन खाली करवाने की मांग करता है तो आरोपी पक्ष से उसे धमकियां मिलती हैं।
कार्यालय में आकर शिकायत करें : एसपी
पुलिस अधीक्षक सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि किसी एनआरआई के साथ धोखा हुआ है तो उसे इसकी शिकायत पुलिस के पास करनी चाहिए। यदि पीड़ित उनसे आकर मिलते हैं और मामले की पूरी जानकारी उनके पास रखते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।