चिट्टा तस्करी के सरगना के बैंक खातों में हुए लेनदेन के आधार पर पुलिस ने रोहड़ू में दी दबिश
पुलिस का दावा, शाही महात्मा के बैंक खातों में चिट्टा तस्करी के नाम पर हुआ साढ़े तीन करोड़ का संदिग्ध लेनदेन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में सालों से चिट्टा तस्करी कर युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले शाही महात्मा गिरोह पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच में बैंक खातों में हुए लेनदेन के आधार पर पुलिस ने रोहड़ू के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सिकंदर ठाकुर निवासी रोहड़ू, आशीष निवासी रोहड़ू, कुलवंत निवासी चिड़गांव और नरेश कुमार निवासी रोहड़ू के रूप में हुई है। पुलिस अभी तक शाही महात्मा गैंग के 29 के करीब सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह गिरोह रोहड़ू, जुब्बल और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से चिट्टा की तस्करी कर रहा था। पुलिस की जांच में पता चला है कि पकड़े गए चारों आरोपियों ने शाही महात्मा के साथ ही कुछ ही समय में लाखों की लेनदेन किया है। बैंक से रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस ने इसी आधार पर आरोपियों की धर पकड़ की है। पुलिस के मुताबिक सिकंदर ने शाही महात्मा के बैंक खातों से कुछ ही समय में 2,55,471 रुपये, आशीष ने 168,950 रुपये, कुलवंत ने 1,66,060 रुपये और नरेश ने 58,600 रुपये का लेनदेन किया है। पुलिस का दावा है कि चिट्टा के लेनदेन के लिए इस रकम की ट्रांजेक्शन की गई थी। गौर हो कि सितंबर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर मुद्दसीर अहमद निवासी कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर को 468 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के बाद पता चला कि आरोपी शाही महात्मा के इशारे पर नशे की खेप रोहड़ू पहुंचाने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने शाही महात्मा उर्फ शशि महात्मा उर्फ शशि नेगी निवासी गांव बिजौरी को गिरफ्तार किया। पुलिस और एनटीएफ के मुताबिक शशि महात्मा सेब कारोबार के नाम पर चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चल रहा था। इस दौरान वह जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में भी रह चुका है।