शिमला। राजधानी के करीब 11 साल पुराने रास्ता रोकने और मारपीट के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को बरी किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय शशि बाला की अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में शिमला निवासी आरोपी जोगिंदर सिंह, राजेश कुमार, जीत राम और पारस राम को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 11 जून 2015 की है। शिकायतकर्ता मोहम्मद हारून ने सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि लोअर बाजार टनल के पास फूल की रेहड़ी लगाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप लगे थे कि जोगिंदर सिंह और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता का रास्ता रोका और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। संवाद