शिमला जिले के रामपुर में तैनात खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निरीक्षक के खिलाफ राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की शिमला इकाई में शनिवार को एफआईआर दर्ज की। निरीक्षक ने आनी और रामपुर में तैनात रहते हुए कथित तौर पर किसी भी सक्षम प्राधिकारी को सूचित किए बिना कई कर्मियों को अपने कार्यालय में अस्थायी तौर पर तैनात किया। यह कर्मी नाममात्र वेतन लेकर उनका सरकारी काम करते थे, जबकि निरीक्षक खुद जिला कुल्लू के एक गांव में अपनी पत्नी के नाम पर आटा चक्की चलाते थे। मामला सतर्कता ब्यूरो की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) की एक टीम द्वारा की गई जांच के बाद दर्ज किया है। धोखाधड़ी के लिए आईपीसी की धारा 420 और ड्यूटी से अनुपस्थिति की अवधि के लिए वेतन निकालने के लिए हिमाचल प्रदेश विशिष्ट भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 33 के तहत दर्ज प्राथमिकी की जांच एसआईयू सतर्कता ब्यूरो शिमला द्वारा की जा रही है।